श्री मणि महेश गुरुकुलम्, उज्जैन — पवित्र अवंतिका नगरी में अनुशासन, चरित्र निर्माण, सात्विक जीवन और वैदिक ज्ञान का पावन केंद्र।
चरित्र निर्माण व नैतिक मूल्य
परंपरा व आधुनिक ज्ञान का समन्वय
शारीरिक व मानसिक शुद्धि
उज्जैन की पावन भूमि पर स्थित
“आज की भागदौड़ भरी दुनिया में बच्चों को केवल अक्षर ज्ञान नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला, माता-पिता व गुरुजनों के प्रति आदर, और अपनी जड़ों से जुड़ने के संस्कार चाहिए। हमारा उद्देश्य बालकों को ऐसा व्यक्तित्व देना है जो विद्यावान भी हो और संस्कारवान भी।”
उज्जैन (अवंतिका) वह पावन भूमि है जहाँ भगवान श्रीकृष्ण और बलराम जी ने महर्षि सांदीपनि के आश्रम में शिक्षा ग्रहण की थी। श्री मणि महेश गुरुकुलम् उसी गौरवशाली वैदिक ज्ञान परंपरा को पुनर्जीवित करने का विनम्र प्रयास है, जहाँ विद्यार्थी सात्विक दिनचर्या, स्वाध्याय और सेवाभाव के साथ विद्यार्जन करते हैं।
हमारा उद्देश्य बालकों को विद्यावान, चरित्रवान और आत्मनिर्भर बनाना है।
सदाचार, माता-पिता की सेवा, बड़ों का सम्मान और जीवन मूल्यों की गहरी नींव स्थापित करना।
प्रातः जागरण से लेकर रात्रि शयन तक नियमित दिनचर्या, जिससे जीवन में एकाग्रता और आत्मबल विकसित होता है।
संध्योपासन, दैनिक हवन-यज्ञ, श्लोक पाठ और भारतीय उत्सवों की आध्यात्मिक समझ का विकास।
महाकाल की पावन नगरी में शांत, सात्विक, स्वच्छ और ध्यान-अध्ययन के लिए सर्वोत्तम परिवेश।
शारीरिक मजबूती हेतु योग-सूर्य नमस्कार, बौद्धिक विकास हेतु शास्त्र चर्चा और व्यावहारिक ज्ञान।
स्नेहिल अभिभावकवत मार्गदर्शन, जहाँ हर बालक पर व्यक्तिगत ध्यान दिया जाता है।
समयबद्धता और साधना से बनता है तेजस्वी व्यक्तित्व
ईश्वर स्मरण, भूमि वंदना, उषापान व प्रातःकालीन शुद्धि।
सूर्य नमस्कार, आसनों का अभ्यास और शारीरिक संवर्धन।
वेदमंत्रों के उच्चारण के साथ विश्व कल्याणार्थ अग्निहोत्र।
वेद, संस्कृत, गणित, विज्ञान और व्यावहारिक ज्ञान का अध्ययन।
गुरुकुल परंपरा समाज के सहयोग और दान से ही युगों से पोषित होती आई है। आपके द्वारा दिया गया एक छोटा सा सहयोग भी सनातन संस्कृति के संरक्षण और बालकों के निर्माण में महान योगदान है।
गुरुकुल के विद्यार्थियों के लिए प्रतिदिन शुद्ध, सात्विक एवं पौष्टिक भोजन की व्यवस्था में सहयोग करें।
एक विद्यार्थी की शिक्षा, पुस्तक, वस्त्र एवं आवास का संपूर्ण या आंशिक वार्षिक दायित्व लें।
गुरुकुल की गौशाला में देशी गायों के चारे, जल, औषध एवं देखरेख में अपना योगदान समर्पित करें।
| खाता धारक: | SHRI MANI MAHESH GURUKULAM |
| खाता संख्या: | 961798892901 (Sample / To be updated) |
| IFSC कोड: | SBIN0000492 (State Bank of India) |
| शाखा: | Ujjain Main Branch, Ujjain (M.P.) |
दान करने के पश्चात पावती व रसीद हेतु नीचे दिए फॉर्म या WhatsApp पर सूचित करें।
दैनिक दिनचर्या, अध्ययन, यज्ञ-हवन, योग और सांस्कृतिक उत्सवों की झलकियां
“अपने बालक को दें संस्कार, शिक्षा और संस्कृति का अमूल्य उपहार।”
बालकों में विनम्रता, मातृ-पितृ भक्ति और आत्म-अनुशासन का विकास।
वेद, संस्कृत, गणित, विज्ञान और जीवनोपयोगी कौशलों का संतुलित समन्वय।
प्रत्येक विद्यार्थी के आचरण एवं शिक्षा पर आचार्यगण का व्यक्तिगत मार्गदर्शन।
📞 सीधे बात करने हेतु कॉल करें: +91 96179 88929
कृपया नीचे दी गई जानकारी भरें, हमारा गुरुकुल कार्यालय आपसे संपर्क करेगा।
सुनिए उन परिवारों से जिन्होंने अपने बच्चों के जीवन में सुखद परिवर्तन देखा है
“गुरुकुल में आने के बाद हमारे बेटे के स्वभाव में अद्भुत विनम्रता और अनुशासन आया है। वह बड़ों का सम्मान करता है और समय का महत्व समझने लगा है। उज्जैन का यह गुरुकुल सचमुच एक वरदान है।”
“आज के मोबाइल और टीवी के दौर में बच्चों को संस्कृति से जोड़ना सबसे कठिन कार्य था। श्री मणि महेश गुरुकुलम् ने हमारे बालक को वैदिक श्लोक, योग और सात्विक जीवन शैली से जोड़ दिया है।”
“गुरुकुल का वातावरण अत्यंत सात्विक और शांतिपूर्ण है। यहाँ आचार्यगण बच्चों को अपनी संतान की तरह स्नेह और सही मार्गदर्शन देते हैं। हम गुरुकुल के प्रयासों के प्रति अत्यंत आभारी हैं।”
श्री मणि महेश गुरुकुलम् - उज्जैन
M.R.5 के पास, पांड्याखेड़ी-राजीव रत्न नगर, उज्जैन, मध्य प्रदेश, भारत - 456010
सोमवार से शनिवार: प्रातः 9:00 से सायं 5:00 तक
(कृपया आगमन से पूर्व दूरभाष पर सूचित करें)